Read more about the article लिख रही है कलम
likh-rahi-hai-kalam

लिख रही है कलम

[su_heading size="25"]~ लिख रही है कलम ~[/su_heading] आज का ये जहाँ पहले जैसा कहाँ, रो-रो हर दास्ताँ लिख रही है कलम। याद बचपन की वो खेल मैदान की, माँ की…

Continue Readingलिख रही है कलम
Read more about the article तुमको देखे बरसो हो गए
tumko-dekhe-barso-ho-gye

तुमको देखे बरसो हो गए

[su_heading size="25"]~ तुमको देखे बरसो हो गए ~[/su_heading] तुमको देखे बरसो हो गए तुम कैसे इतने निष्ठुर हो गए , तुम बिन दिल पर क्या क्या बीती कैसे तुम इतने…

Continue Readingतुमको देखे बरसो हो गए
Read more about the article दोस्ती पर कविता
dosti-par-kavita

दोस्ती पर कविता

~ दोस्ती पर कविता ~ दोस्त..... साँसे टूट रही थी, आस जिंदगी की छूट हो चुकी थी, पर यार था जो, साथ छोड़ने को राजी ना था, एक रिश्ता वो…

Continue Readingदोस्ती पर कविता