लिख रही है कलम

[su_heading size=”25″]~ लिख रही है कलम ~[/su_heading] आज का ये जहाँ पहले जैसा कहाँ, रो-रो हर दास्ताँ लिख रही है कलम। याद बचपन की वो

पूरा पढ़ें »
mahabharat-par-adharit

महाभारत पर आधारित द्विपार्थ उवाच व केशव उवाच

महाभारत पर आधारित द्विपार्थ उवाच व केशव उवाच ~ द्विपार्थ-उवाच् ~ धरती की कोख में बीज युद्ध के बोकर हँस रहे हो सखा सबकी आँख

पूरा पढ़ें »
shree-ram-kavita

श्री राम कविता

 भगवान श्री राम के संघर्षशील जीवन को समर्पित कविता – श्री राम कविता राम होना भी कोई खेल नही सिर्फ नीति धर्म का ही मेल

पूरा पढ़ें »
ab tum hi ho

अब तुम ही हो

“अब तुम ही हो” जब भी तुमसे मै मिलती हूँ ऐसा लगता है के जैसे तुम ही हो मेरी दुनिया मेरा सबकुछ अब तुम ही

पूरा पढ़ें »
Picture of Likhobharat.Com

Likhobharat.Com

हमारा मुख्य उद्देश्य साहित्य जगत के नए कलमकारों को अपने लेखन के लिए ऑनलाइन मंच प्रदान करना है ।

सभी रचनाएँ देखें

मुख्य विधाएँ

ई-मेल सब्सक्रिप्शन

“लिखो भारत” की सभी पोस्ट सीधे ई-मेल पर प्राप्त करने के लिए अपना ई-मेल पता यहाँ लिखें।
यह पूर्णतया निशुल्क है।

रचना भेजिए

यदि आप लेखक या कवि हैं तो अपने विचारों को साहित्य की किसी भी विधा में शब्द दें।
लिखिए और अपनी रचनाएं हमें भेजिए।

आपकी रचनाओं को लिखो भारत देगा नया मुकाम, रचना भेजने के लिए यहाँ क्लिक करें।

dosti-par-kavita
कविता
शिवम् शर्मा

दोस्ती पर कविता

~ दोस्ती पर कविता ~ दोस्त….. साँसे टूट रही थी, आस जिंदगी की छूट हो चुकी थी, पर यार था जो, साथ छोड़ने को राजी

पूरा पढ़ें »
thumbnail
कविता
कुमार हरीश

उसे पाने के लिए

[su_heading size=”24″]“उसे पाने के लिए”[/su_heading] उसे पाने के लिए मै खूब रोया न जाने कितनी रातेँ आँसू बहाकर सोया तकिया भीग गया पी – पीकर

पूरा पढ़ें »
गीत
आनंद कुमार पांडेय

लिख रही है कलम

[su_heading size=”25″]~ लिख रही है कलम ~[/su_heading] आज का ये जहाँ पहले जैसा कहाँ, रो-रो हर दास्ताँ लिख रही है कलम। याद बचपन की वो

पूरा पढ़ें »
ab tum hi ho
कविता
मीनू हरीश

अब तुम ही हो

“अब तुम ही हो” जब भी तुमसे मै मिलती हूँ ऐसा लगता है के जैसे तुम ही हो मेरी दुनिया मेरा सबकुछ अब तुम ही

पूरा पढ़ें »