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जादू कलम का 

गीत
आनंद कुमार पांडेय

लिख रही है कलम

आज का ये जहाँ पहले जैसा कहाँ, रो-रो हर दास्ताँ लिख रही है कलम। याद बचपन की वो खेल मैदान की, माँ की वो लोरियां

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guru-mahima-geet
गीत
कुमार हरीश

गुरु महिमा गीत

आज गुरु पूर्णिमा के पुण्य दिवस पर पढ़िए गुरु की महिमा का वर्णन करता ये गीत – गुरु महिमा गीत  गुरुजी के नाम से, सारे

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insan-jal-raha-hai
गीत
आनंद कुमार पांडेय

इंसान जल रहा है

इंसान जल रहा है, इंसान से यहाँ का। ऐसा है दौर आया, सुना पड़ा इलाका।। मुश्किल भरा सफर है, कब हो क्या इसका डर है

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jindagi-ka-safar
गीत
आनंद कुमार पांडेय

जिंदगी का सफर

जिंदगी का सफर यूं बदल जाएगा, मैं न सोचा ये मौका निकल जाएगा। रंजिशें  तोड़ दो छोड़ दो ख्वाहिशें, क्या पता साथ क्या तेरे कल

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atal
कविता
कुमार हरीश

जब नही रहे अटल

“अटल बिहारी वाजपेयी को सादर नमन अर्पित करती कविता” नेत्र चक्षु और पटल बह रहे हैं बस अटल भीगते नयन पटल जब नही रहे अटल

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