उसे पाने के लिए

[su_heading size="24"]"उसे पाने के लिए"[/su_heading] उसे पाने के लिए मै खूब रोया न जाने कितनी रातेँ आँसू बहाकर सोया तकिया भीग गया पी – पीकर आँसुओं को पर उसका ख्वाब…

Continue Readingउसे पाने के लिए

निराशाओं के आसमान में

[su_heading size="25"]"निराशाओं के आसमान में"[/su_heading] निराशाओं के आसमान में जब आशा का कोई बादल नजर आता , तब तक मनुष्य के हाथ से सारा अवसर निकल जाता। वह बाट जोहता…

Continue Readingनिराशाओं के आसमान में