आयुर्वेद बनाम एलोपैथी – कविता

“आयुर्वेद बनाम एलोपैथी”

आयुर्वेद बनाम एलोपैथी के झगड़े में
जनता को न उलझाओ
जो पद्धति कारगर साबित हो
उसे अपनाओ
अभी वक्त नहीं है
झगड़ने का
ये वक्त तो है एकजुट होकर
कोरोना से लड़ने का
दोनो ही पद्धति सिक्के के दो पहलू है
दोनों का मकसद है
लोगो की जान बचाओ
वैक्सीन सभी को लगाओ
काढ़ा भी पिलाओ
करो प्राणायाम नित्य
स्वास्थ्य सुख पावों
खुद भी योगा करो और
दूसरों को भी सिखाओ
दोनो सर्वश्रेष्ठ है अपने अपने क्षेत्र में
विवाद को अब और आगे ना बढ़ाओ
जनहित में विराम दो इसे और
देशहित में आगे बढ़ते जाओ।

पवन कुमार शर्मा “कवि कौटिल्य”


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